हड्डियों को उम्रभर रखना है मजबूत तो इन बातों का रखें ध्‍यान

आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ 25 साल की उम्र तक ही हड्डियां मजबूत होती हैं। 35 साल की उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और आप पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हड्डियां कमजोर होने पर कई तरह की दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन हड्डियों को मजबूत करने के घरेलू उपायों की मदद से आप हर उम्र में स्‍वस्‍थ रह सकते हैं।

कार्बोनेटेड पेय पदार्थ

कार्बोनेटेड पेय पदार्थ जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक, शैंपेन आदि हड्डियों से कैल्शियम को खींच सकते हैं। हार्वर्ड में हुई एक रिसर्च के मुताबिक 16 से 20 साल की महिलाओं को सॉफ्ट ड्रिंक के अधिक सेवन के कारण हड्डियों को क्षति पहुंचने की बात सामने आई थी। इनमें फास्‍फेट ज्‍यादा होता है जो कैल्शियम को कम करने लगता है।

प्रोटीन ज्‍यादा न लेना

अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से शरीर में एसिडिटी हो सकती है जिसकी वजह से पेशाब के जरिए शरीर से कैल्शियम बाहर निकल सकता है। अधिकतर लोगों को दिनभर के तीन बार के भोजन से 0.12 कि.ग्रा प्रोटीन की जरूरत होती है। इससे ज्‍यादा मात्रा में प्रोटीन लेना हड्डियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

एसिडिटी की दवाएं

कई लोग सीने में जलन और हाइटल हर्निया के लिए दवाओं का सेवन करते हैं। कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और जिंक जैसे खनिज पदार्थों के अवशोषण के लिए पेट में एसिड होना जरूरी होता है। अगर आप एसिड बनने से रोकने की कोई दवा ले रहे हैं तो इससे आपमें ऑस्टियोपोरासिस का खतरा बढ़ जाता है। इन दवाओं को सिर्फ 6 से 8 हफ्तों तक ही लेना सुरक्षित रहता है।

 

कैफीन से दूर रहें

एक कप कॉफी पीने से पेशाब के जरिए 150 मि.ग्रा कैल्शियम शरीर से बाहर निकल जाता है। कॉफी में और भी कई हानिकारक रसायन होते हैं जो कि शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालने में रुकावट पैदा कर सकते हैं। अगर आप कॉफी पीना ही चाहते हैं तो प्रत्‍येक कप के लिए 150 मि.ग्रा कैल्शियम लेने की मात्रा भी बढ़ा दें।


विटामिन डी लें

विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण और उन्‍हें हड्डियों तक पहुंचाने में मदद करता है। ये इम्‍यून सिस्‍टम के लिए भी बहुत जरूरी होता है। जब आप धूप लेते हैं तो स्किन के जरिए शरीर में विटामिन डी का निर्माण होता है। धूप नहीं ले सकते हैं तो इसकी जगह विटामिन डी के सप्‍लीमेंट भी ले सकते हैं।

हार्मोंस पर रखें नजर

महिलाओं में हड्डियों को नुकसान पहुंचने का सबसे आम कारण रजोनिवृत्ति है। वहीं 50 की उम्र पार कर चुके पुरुषों में हड्डियों को नुकसान होने का खतरा रहता है। हड्डियों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए पर्याप्‍त मात्रा में एस्‍ट्रोजन, प्रोजेस्‍टेरोन और टेस्‍टेस्‍टेरोन जरूरी होता है। रजोनिवृत्ति में इन हार्मोंस में असंतुलन आ जाता है जो कि हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

तनाव

स्‍ट्रेस से कोर्टिसोल हार्मोन का स्‍तर बढ़ता है। अगर लंबे समय तक इसका स्‍तर बढ़ा हुआ रहे तो हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। इसकी वजह से ब्‍लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है और पेशाब के जरिए शरीर से कैल्शियम बाहर निकल सकता है। तनाव से दूर रहने के लिए ध्‍यान करें और पर्याप्‍त नींद लें।

व्‍यायाम

एक्‍सरसाइज के दौरान जब मांसपेशियां हड्डियों के विपरीत खींचती हैं तो इससे हड्डियों में उत्तेजना पैदा होती है। पैदल चलने, हाइकिंग, सीढियां चढ़ने और वेट लिफ्टिंग से हड्डियों के घनत्‍व में इजाफा होता है। दिनभर में 15 से 30 मिनट की एक्‍सरसाइज भी काफी होती है।