अगर आपके हौसलें बुलंद हैं, तो आपको लक्ष्य पाने से कोई रोक नहीं सकता।

अगर आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करना है तो मार्ग में आने वाली रुकावटों से घबराना नहीं चाहिए।

रोजर बैनिस्टर ब्रिटेन में पेशेवर से एक डॉक्टर थे। परन्तु वे एक धावक बनना चाहते थे। इसलिए जब भी उसे समय मिलता, वह दौड़ने का अभ्यास करता। दरअसल उस समय यह चर्चा थी कि कोई भी चार मिनट में एक मील नहीं दौड़ सकता। इसी के साथ ही उन दिनों ब्रिटेन में तेज धावकों की कमी थी और कोई भी चार मिनट में एक मील की दौड़ पूरी नहीं कर सकता था।

यह एक शारीरिक बाधा है। लेकिन फिर भी उन्होंने दौड़ना अभ्यास नहीं छोड़ा। डॉक्टरों और लोगों का मानना ​​था कि एक मील की दुरी को चार मिनट के साथ कुछ सेकंड के समय में तो यह लक्ष्य पूरा की जा सकता है, लेकिन पूरे चार मिनट में यह लक्ष्य नहीं तोडा जा सकता।

यह सुनकर रोजर को बहुत अजीब लगा और उसने एक मील की दौड़ चार मिनट में पूरी करने का फैसला किया। वह इसे मानसिक बाधा मानते थे। उसने अपने दोस्तों से कहा कि मैं कुछ समय में ऐसा करके दिखाऊंगा। उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया।

और रॉजर ने 3 मिनट 59.4 सेकंड में एक मील की दौड़ पूरी करके सभी को चौंका दिया। क्योंकि उनके अधिकांश दोस्तों को लगता था कि कोई भी चार मिनट में एक मील नहीं दौड़ सकता। लेकिन रोजर ने इसे अपना एक लक्ष्य मान रखा था।