ज़िंदगी

काश जिंदगी मेरी किताब होती,
जिक्र तुम्हारे पन्नो को मैं फाड़ देती |

हमसफर

मुझे अपने हर दर्द का हमदर्द बनाना लो,                      
दिल में नहीं तो ख्यालो में बैठा लो,
सपनों में नहीं तो आंखों में सजा लो,
अपना एक सच्चा एहसास बना लो | | 

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