ना खड़ा तू देख गलत को

ना खड़ा तू देख गलत को
अब तो तू बवाल कर

 

चुप क्यों है तू
ना तो अपनी आवाज दबा
अब तो तू सवाल कर

 

ना मिले जवाब
तो खुद जवाब तलाश कर

किस्तों में मत जिया करो

हर पल है जिंदगी का उम्मीदों से भरा,
हर पल को बाहों में अपनी भरा करो,
किस्तों में मत जिया करो।

सपनों का है ऊंचा आसमान,
उड़ान लंबी भरा करो,
गिर जाओ तुम कभी,
फिर से खुद उठा करो।

अतीत से परे सोचो

अतीत में होने वाली पुरानी बातें
ओह इतना दर्दनाक, तुम पूछते हो, क्या वे टिकेंगे?
समय से पहले का समय आप सोच भी नहीं सकते
लेकिन ऐसा लगता है कि ये चीजें पलक झपकते ही चली जाती हैं।

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